सोचा था जिसे सपनों में किस्मत से ना पा सका गुजरता हवा का झोका था वो जिसे बाँहों में ना लिपटा सका.......
उसकी नज़रों ने घायल किया था तनहाई, तनहाई दे गया बस वो...... - प्रफुल्ल
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